विधि - How to make Dal Bati
आटा को एक बर्तन में मिला कर 3 टेबिल स्पून घी,अजमायन और नमक मिला दीजिये. गुनगुने पानी की सहायता से आटे को चपाती के आटे से थोड़ा सा सख्त आटा गूथ लीजिये. आटे को 15 - 20 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये, ताकि आटा फूल कर सैट हो जाय. 20 मिनिट बाद इस आटे को घी के हाथ से मसल कर चिकना कर लीजिये. गुथे आटे से थोड़ा आटा तोड़ कर मध्यम आकार के गोले बना लिजिये.
आप चाहें तो इसके अन्दर मटर की पिठ्ठी, आलू की पिठ्ठी, पनीर की पिठ्ठी या मेवे की पिट्ठी बनाकर भर सकते हैं.
बाटियाँ 2 तरीके से बनाई जाती हैं.
बाटी को पानी में उबालकर बनाना
1 लीटर पानी भगोने में भर कर गैस पर गरम करने के लिये रख दीजिये और जब पानी में उबाल आ जाय तब ये गोले उबलते पानी में डाल दीजिये. 15 मिनिट तक इन गोलों को उबालिये.
पानी से उबले हुये गोले निकाल कर प्लेट में रखिये और अब इनको तन्दूर या ओवन में ब्राउन होने तक सेक लीजिये. सेकी हुई बाटियों को पिघले हुये घी में डुबा कर निकालिये. तैयार बाटियाँ प्याले या प्लेट में रखिये.
बाटी को बिना उबाले बनाना
इस तरीके से बाटी उबाले बिना ही बनायीं जाती हैं. तन्दूर को गरम कीजिये, तन्दूर में आटे के गोले सिकने के लिये रखिये, इन गोलों को तन्दूर में पलट पलट कर सेकें. बाटियाँ फटने लगेंगी और ब्राउन हो जायेंगी. सिकी बाटी ओवन से निकाल कर प्लेट में रख लीजिये. बचे हुये घी को पिघला कर रख लीजिये. सेकी हुई बाटियों को फोड़ कर घी में डुबा कर निकाल कर प्लेट या प्याले में लगाइये.
दोनों तरह की बाटियां अच्छी होतीं है. आप इनमें से किसी भी तरीके से बाटी बनाइये
बाटी के लिये मिक्स दाल
उरड की दाल - 50 ग्राम (1/4 कप )
मूंग की दाल - 50 ग्राम ( 1/4 कप )
चना की दाल - 10 ग्राम 1 मुट्ठी
घी- 2 टेबिल स्पून
हींग - 1-2 पिन्च
जीरा- 1 छोटी चम्मच
हल्दी पाउडर- आधा छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - आधा छोटी चम्मच
टमाटर - 2 - 3
हरी मिर्च- 1-2
अदरक - 2 इंच लम्बा टुकड़ा
गरम मसाला - एक चौथाई छोटी चम्मच
हरा धनियाँ - छोटी आधा कटोरी ( बारीक कटा हुआ )
नमक स्वादानुसार ( एक छोटी चम्मच )
विधि
दालों को 1 0- 15 पहले धो कर पानी में भिगो दीजिये.
भीगी हुई दालों को कुकर में, दुगने पानी ( 3 कप पानी) डालकर और नमक और हल्दी डाल कर पकने के लिये गैस पर रख दीजिये. एक सीटी आने के बाद 2-3 मिनिट तक धीमी गैस पर पकायें. गैस बन्द कर दीजिये.
टमाटर, हरी मिर्च और 1 इंच अदरक का टुकड़ा बारीक काट लीजिये.
कढ़ाई में 2 टेबिल स्पून घी डाल कर गरम करें. हींग और जीरा डाल दें. जीरा भुनने के बाद लाल मिर्च पाउडर कटा हुआ टमाटर और 1 इंच लम्बे अदरक को बारीक काट कर डाल दें. मसाले को तब तक भूनें जब तक कि मसाले के ऊपर घी न तैरने लगे, ये मसाला कुकर में पकी हुई दाल में मिला दीजिये आवश्यकतानुसार पानी (दाल को आप जितना पतला चाहें) मिला दीजिये, उबाल आने पर गरम मसाला डालिये और नमक को टेस्ट करके आवश्यकतानुसार थोडा़ सा और डाल दीजिये. आधा हरा धनियाँ डाल कर मिला दीजिये. दाल तैयार हो गयी है. दाल को प्याले में निकालिये और बचे हुये हरे धनिये और घी डाल कर सजाये.
दाल और बाटियाँ तैयार है. गरमा गरम दाल बाटी परोसिये और खाइये.
6 लोगों के लिये. | बनाने में
समय : लगभग 90 मिनट.राजस्थानी चूरमा
सामग्री :
गेहूं का आटा : 1 प्याला
देसी घी :1/4 + 1/2 प्याला
बुरा : 1 प्याला
बादाम कतरन : 8 - 10
पिस्ता कतरन : 10 - 12
इलायची पाउडर : 4 - 5
केसर चाहे तो : 10 - 12 धागे
4 से 5 लोगों के लिए
35 से 40 मिनट
विधि - How to make Churma
आटा को एक बर्तन में मिला कर 3 टेबिल स्पून घी, गुनगुने पानी की सहायता से आटे को चपाती के आटे से थोड़ा सा सख्त आटा गूथ लीजिये. आटे को 15 - 20 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये, ताकि आटा फूल कर सैट हो जाय. 20 मिनिट बाद इस आटे को घी के हाथ से मसल कर चिकना कर लीजिये. गुथे आटे से थोड़ा आटा तोड़ कर से दबाकर मुठिया बना लीजिए या फिर गोले बना कर मोटे रोट हाथ से या बेलन की सहायता से बना लीजिए लिजिये ।
मुठिया को तलकर बना सकते हैं , तंदूर में सेंककर या माइक्रोवेव में भी बना सकते हैं ।
ट्रेडिशनल इसे जगरे में बनाया जाता था
तन्दूर को गरम कीजिये, तन्दूर में आटे के मुठिया या रोट सिकने के लिये रखिये, इनको तन्दूर में पलट पलट कर सेकें.जब ब्राउन हो जायेंगी ओवन से निकाल कर प्लेट में रख लीजिये. मुठिया या रोट को टुकड़ों में कर लेंगे और ठंडा होने पर मिक्सी में पीस लेंगे ।
चूरमा के पाउडर को स्टील वाली चलनी से छान लेंगे ।
अगर कुछ टुकड़े मोटे रह जाए मिक्सी में डालकर वापस से छान लेंगे ।
अब इस पाउडर में देसी घी मिलाएंगे और बुरा मिलाएंगे और अच्छे से मिक्स कर लेंगे और ऊपर से ड्राई फ्रूट्स भी डाल देंगे । जैसे मर्जी वैसे परोसेंगे ।
इसको इस तरीके से भी परोस सकते हैं और इसके लड्डू बनाकर भी परोस सकते हैं ।
इसे बनाकर 8 से 10 दिन तक खाया जा सकता है ।
गेहूं के आटे के साथ साथ ही इसे बेसन मक्का बाजरा ज्वार सूजी आदि आटो से भी बनाया जा सकता है ।
खाने में बहुत ही स्वादिष्ट और हेल्दी भी होता है
No comments:
Post a Comment